REWA : लोक सेवा केन्द्र में अधिकारियों की मनमानी, सीमांकन के लिए दो साल से भटक रहें भू-स्वामी, कर्मचारी का जवाब- नहीं बैठ रहे राजस्व अधिकारी : सिर्फ तारीख पर तारीख


रीवा. लोक सेवा केन्द्रों पर अफसरों की अनदेखी के चलते जनता को समय से सेवाएं नहीं मिल रहीं हैं। यही नहीं फीस जमा करने के बाद लंबे समय से चक्कर लगा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह कि राजस्व विभाग की सेवा के लिए दो साल से आवेदक कार्रवाई के लिए भटक रहे हैं। लोक सेवा केन्द्रों पर भी जनता के लिए त्वारित सेवाएं देने की प्रक्रिया बेमानी हैं। सामान्य सेवाएं छोड़ राजस्व, पेंशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभाग की सेवाएं जनता के लिए बेमानी हैं। जिला मुख्यालय पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए कलेक्टर कार्यालय के ठीक सामने दो लोक सेवा केन्द्र खोले गए हैं। लोक सेवा केन्द्र पर दिनभर आवेदनों की भीड़ जमा रहती है।


लोक सेवा केन्द्र रीवा (ग्रामीण) में भी आवेदन जमा करने वालों की भीड़ जमा रही। खसरे की नकल, आय-जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य सेवा के लिए आवेदकों की भीड़ लगी रही। आवेदकों को सेवाएं समय से नहीं मिल रही हैं। लोक सेवा केन्द्र के कर्मचारी यह कहकर जवाब दे रहे हैं कि राजस्व विभाग के अधिकारी नहीं बैठे रहे हैं। सीमांकन, नामांतरण के लिए तारीख पर तारीख दे रहे हैं। ऐसे में आवेदकों के लिए बेमानी है।


लोक सेवा केन्द्र पर दो साल से दौड़ रहा आवेदक, 16 बार दे चुके तारीख

हुजूर तहसील के सिलपरा गांव निवासी छेदीलाल 10 जुलाई 2018 को जमीन के सीमांकन के लिए लोक सेवा केन्द्र रीवा ग्राीमण में आवेदन किया। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद भू-स्वामी छेदीाल को सीमांकन के लिए पहली तारीख 20 जुलाई 2018 को दी गई। दूसरी 10 अगस्त 2018 को दी। तिथि बीतने के बाद आवेदक पहुंचा तो तीसरी तारीख दे दी गई। शासन की गाइड लाइन के अनुसार अधिकतम 30 दिन में आवेदन का निराकरण करना था। लेकिन, आवेदन तिथि से आज दिनांकर तक १६ तारीखे दे चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक सीमांकन की प्रक्रिया नहीं की गई। छेदीलाल ने बताया कि सीमांकन के लिए दो साल से भटक रहा हूं। आवेदन के दौरान जितना फीस जमा किया है उसके ५० गुना से ज्यादा लोक सेवा केन्द्र पर तारीख का पता लगाने में खर्च हो गया। ऐसे में लोक सेवा केन्द्र और तहसील कार्य में कोई फर्क नहीं हैं। दो साल से छेदीलाल भटक रहा है।


दिव्यांग पेंशन के आवेदन के लिए पसीना बहा रहा बुजुर्ग दिव्यांग

हुजूर तहसील क्षेत्र के रहट गांव निवासी दिव्यांग बुजुर्ग विश्वनाथ प्रसाद शुक्ल सोमवार दोपहर एकीकृत वृद्धा एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत आवेदन करने लोक सेवा केन्द्र रीवा पहुंचे। आवेदन के लिए दिव्यांग के परिजनों ने बताया कि कई बार आ चुके। आवेदन नहीं जमा हो पा रहा है। इससे पहले आवेदन के लिए आए तो लॉकडाउन में केन्द्र बंद रहा। केन्द्र खुलने के बाद किराए पर टैक्सी लेकर आए। केन्द्र पर आवेदन लेकर कतार में घंटेभर खड़े रहे। लेकिन, आवेदन जमा नहीं हो सका। लोक सेवा केन्द्र के कर्मचारियों ने यह कहते हुए आवेदन लेने से मना कर दिया कि राज्यपाल का निधन हो गया है। दिव्यांग बुजुर्ग पेंशन के लिए परेशान है। इससे पहले वह जनपद में आवेदन दे चुका है। लेकिन, पेंशन स्वीकृत नहीं हो सकी है। दिव्यांग बुजुर्ग ने बताया कि पत्नी गीता शुक्ला भी दिव्यांग है। सरकारी दफ्तर में अव्यवस्था के चलते दिव्यांग का पेंशन तक नहीं मिल रहा है।

कहने को 313 सेवाएं, चंद विभागों के आवेदन

लोक सेवा केन्द्रों पर कहने को जनता को 313 सेवाएं दी जा रही हैं। लेकिन, केन्द्र पर सामान्य प्रशासन, राजस्व समेत चंद्र विभागों के ही आवेदन पहुंच रहे हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते समय से आवेदनों का निराकरण नहीं है। सामान्य सेवाएं जैसे नकल, जाति व आय प्रमाण पत्र निर्धारित समय से जारी हो रहे हैं। लेकिन, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसी सेवाएं आवेदकों को समय से नहीं मिल रही हैं। शासन की गाइड लाइन के बाद भी सरकारी कार्यालयों में अभी भी आवेदन लिए जा रहे हैं। जिससे आवेदकों को समय से सेवाएं नहीं मिल रही हैं। हुजूर तहसील में सीमांकन, बंटवारा, खसरा्र खतौनी आदि के आवेदन लिए जा रहे हैं। तहसीलों में अधिकारियों की मनमानी के चलते आवेदन लिए जा रहे हैं। जिससे फरियादी सेवा के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लोक सेवा केन्द्रों पर आवेदन जमा करने पर अधिकारियों को समय से सेवाएं प्रदान करना होगा।


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