REWA : समिति प्रबंधक के घर लोकायुक्त की छापामारी, तीन करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति उजागर



रीवा। सेवा सहकारी समिति अमिलिया के प्रभारी प्रबंधक के घर लोकायुक्त की टीम ने छापामार कार्रवाई की। जिसमें देर शाम तक चली कार्रवाई के दौरान करीब तीन करोड़ रुपए से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति उजागर हुई है। माना जा रहा है कि दस्तावेजों की चल रही पड़ताल में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।


यह कार्रवाई सुबह 4.30 बजे से प्रारंभ हुई, जिस दौरान लोकायुक्त की टीम पहुंची, घर के लोग सो रहे थे। बाउंड्रीवाल का घेरा काफी बड़ा था, इसलिए चारों तरफ से मकान को घेर लिया गया और मंदिर के पास से एक छोटा गेट होने के चलते उससे पुलिसकर्मियों ने प्रवेश किया और परिवार को लोगों को जगाया। काफी देर के बाद घर के भीतर टीम पहुंची। इसके बाद शुरू हुई जांच में एक-एक कर कई अनुपातहीन संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं।


नकदी का जिस तरह से अनुमान लगाया गया था, उस तरह से बरामद नहीं हो सकी है। 66 हजार रुपए नकद मिले, साथ ही जेबर एवं अन्य सामग्री मिली जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपए से अधिक की लगाई गई है। गांव में पैतृक भूमि के साथ मकान एवं कई वाहन भी मिले हैं। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम के अधिकारी भी यह देखकर दंग रह गए, बड़े मकान के साथ ही वाहनों का गैराज भी बड़ा था, जिसमें कई वाहन खड़े पाए गए हैं।


शहर में भी भूमि और मकान की आशंका
जांच के दौरान लोकायुक्त की टीम को अधिकांश दस्तावेज गांव में ही जुटाई गई अनुपातहीन संपत्ति के मिले हैं। जबकि आशंका जाहिर की जा रही है कि रीवा शहर में भी भूमि और मकान प्रभारी समिति प्रबंध की ओर से खरीदे गए थे। उसका दस्तावेज तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा टीम को पता चला है कि हाइवे के किनारे भी कुछ भूमि खरीदी गई थी। रीवा के खैरा में दो प्लाट के दस्तावेज मिले हैं, अन्य की तलाश जारी है। चाकघाट में भी एक मकान की जानकारी मिली थी लेकिन उसे कुछ समय पहले ही बेच दिया गया था। टीम का दावा है कि परीक्षण चल रहा है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार कार्रवाई करेंगे।


पहले भी मिलती रही हैं कई शिकायतें
त्योंथर क्षेत्र के अमिलिया सेवा सहकारी समिति के प्रभारी समिति प्रबंधक शुक्रमणि मिश्रा के विरुद्ध पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों तक पहुंचती रही हैं। यूपी से आने वाली धान की खरीदी को लेकर अमिलिया खरीद केन्द्र का नाम सुर्खियों में रहा है। राजनीतिक प्रभाव की वजह से अब तक प्रभारी समिति प्रबंधक के विरुद्ध प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है। कई बार स्थानीय किसान रीवा पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।


वाहन और हथियारों का था शौकीन
ेजांच में पता चला है कि अनुपातहीन संपत्ति जुटाने के बाद आरोपी प्रभारी समिति प्रबंधक शुक्रमणि मिश्रा ने कई वाहन और अवैध हथियार भी खरीदे थे। पांच ट्रक, दो लग्जरी कार, जेसीबी, दो ट्रेक्टर एवं दो मोटर साइकिल बरामद हुई हैं। कुछ वाहन और घर में खड़े थे लेकिन ये शुक्रमणि या उसके परिवार के नाम नहीं थे, बताया गया है कि रिश्तेदारों के हैं। वहीं एक देशी पिस्टल के साथ ही 315 बोर के 4 नग और 32 बोर के 23 नग कारतूस बरामद हुए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि उक्त रिवाल्वर भी कहीं छिपा दी गई है। क्योंकि बिना रिवाल्वर के इतनी संख्या में कारतूस रखने का कोई औचित्य नहीं होता।


छापे में मिली यह सामग्री
- मकान एवं गौशाला की कीमत- 54 लाख रुपए
- मकान की बाउंड्रीवाल -- पांच लाख रुपए।
- नकद -- 66,160 रुपए।
- सोना-चांदी-- 6.79 लाख रुपए।
- जीवन बीमा- 1.27 लाख रुपए।
- दो एफडी में व्यय - 5.10 लाख रुपए।
- बैंकों में जमा - 6.88 लाख रुपए।
- जमीन एवं भूखंड- 51.26 लाख।
- 12 नग वाहन- 1.44 लाख।
- इंवेंट्री - 21.89 लाख रुपए।
- एक मंदिर- लागत पांच लाख।
- पिस्टल के साथ 27 नग कारतूस भी मिले हैं।

गिरफ्तार हुआ प्रभारी समिति प्रबंधक
रीवा। चाकघाट थाना क्षेत्र के अमिलिया गांव में लोकायुक्त की टीम ने सेवा सहकारी समिति के प्रभारी समिति प्रबंधक शुक्रमणि मिश्रा के घर पर छापामार कार्रवाई की थी। जहां पर एक देशी पिस्टल सहित 27 नग कारतूस बरामद किया गया था। इस पिस्टल का कोई लाइसेंस शुक्रमणि के पास नहीं था। जिसके चलते लोकायुक्त पुलिस ने चाकघाट थाना प्रभारी को बुलाकर उक्त मामला सौंप दिया था। पुलिस ने आरोपी शुक्रमणि मिश्रा को वहीं पर गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। आरोपी के विरुद्ध 25/27 आम्र्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। थाना प्रभारी आरएस बागरी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर अवैध हथियार से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर उक्त हथियार उसके पास कहां से आया है। इसमें यदि अन्य किसी का नाम सामने आएगा तो उन पर भी कार्रवाई होगी। 

अमिलिया गांव में प्रभारी समिति प्रबंधक के घर छापामारी की गई है, जिसमें करीब तीन करोड़ रुपए से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई है। साथ ही बिना लाइसेंस के हथियार पाए गए हैं, जिस पर आम्र्स एक्ट की कार्रवाई के लिए चाकघाट थाने को मामला सौंपा गया है।

राजेन्द्र वर्मा, एसपी लोकायुक्त रीवा




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