MP : अब सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में डॉक्टरों को लिखना होगा मरीज के पर्चे पर अपना नाम, मोबाइल नंबर और लगाना होगा सील

भोपाल। अब हमीदिया अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के पर्चे पर डॉक्टरों का नाम, मोबाइल नंबर और उनकी सील भी लगानी होगी, ताकि यह पता रहे की मरीज का इलाज किस डॉक्टर ने किया है। यह व्यवस्था हमीदिया अस्पताल में शनिवार दोपहर बाद ही लागू कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और उनसे जुड़े अस्पतालों में यह व्यवस्था लागू होगी। 

सामने से आई अनियंत्रित बस ने महिला को कुचला, टायर की चपेट में आई महिला को बस ने करीब 200 मीटर तक घसीटा 

इसके निर्देश चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने दिए हैं। विश्वास सारंग शनिवार सुबह 10:45 बजे अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मंत्री ने 9 अलग-अलग मरीजों से बातचीत की है। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन से कहा है कि मैंने जितने भी मरीजों से बातचीत की है उसमें पता चला है कि मरीजों को कहां पर्चा बनवाना है, किस जांच के लिए कहां जाना है, आयुष्मान कार्ड का रजिस्ट्रेशन कहां होना है और दवाइयां कब कहां मिलनी है। यह ढूंढने में दिक्कत हो रही है मरीजों को समय भी लग रहा है उन्हें हर बार अलग-अलग जगह अलग-अलग काउंटरों पर जाकर लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है और मरीज के परिजनों को परेशान होना पड़ता है। यह व्यवस्था बीमारी से जूझ रहे मरीज के लिए ठीक नहीं है। मंत्री विश्वास सारंग ने गांधी मेडिकल कॉलेज की टीम डॉ. अरुणा गुप्ता और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आईडी चौरसिया को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में ऐसी व्यवस्था की जाए कि मरीज को कम से कम समय में पूरा इलाज मिल सके।

बेडरूम में खून से लथपथ मिली पत्नी की लाश, पुलिस ने पूछा तो पागलों की एक्टिंग करने लगा पति : फिर  ...

मरीजों के लिए अलग पाथवे बनाने पर करें विचार

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अस्पताल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मरीज के साथ आने वाले परिजन, कर्मचारी, अधिकारी और मरीज की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में मरीजों के लिए एक अलग पाथवे बनाने पर विचार करें। जिसमें केवल मरीज ही आना जाना कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि इस पर विचार करेंगे और रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मंत्री विश्वास सारंग इमरजेंसी विभाग के सामने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अस्पताल के सामने ही पानी टपक रहा है। इस पर उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अरुणा गुप्ता से कहा कि मैडम इधर तो आप रोज आते होंगे। जब यह मुझे दिख गया तो आपको क्यों नहीं दिखा और जब दिख गया था तो इसे ठीक क्यों नहीं करवाया। इस पर डीन डॉ. अरुणा गुप्ता ने मंत्री को सफाई दी और जल्दी पानी का लीकेज ठीक करने की बात कही है।

मंत्री फायर सिस्टम चालू कराने का कहते रहे, डीन और अधीक्षक को 20 मिनट तक नहीं मिली चाबी

मंत्री विश्वास सारंग कोविड-19 ब्लॉक-ए के सामने पहुंचे, जहां पर फायर सिस्टम लगा हुआ था। मंत्री ने कहा की फायर सिस्टम चालू करा कर दिखाएं। मंत्री 20 मिनट तक सिस्टम के सामने खड़े रहे लेकिन इतने समय में अस्पताल प्रबंधन फायर सिस्टम की चाबी तक नहीं ढूंढ पाए। मंत्री ने कहा कि भगवान न करें अस्पताल में आग लगे। यदि लग गई तो सब कुछ भगवान भरोसे होगा, क्योंकि अस्पताल प्रबंधन की टीम को न तो फायर सिस्टम के बारे में जानकारी है और न ही अधीक्षक को।

साफ-सफाई वाली एजेंसी को नोटिस देकर हटाए

मंत्री को अस्पताल परिसर में गंदगी मिली, कबाड़ वाले कूलर डॉक्टर, ओपीडी रूम में रखे मिले, पंखे गंदे मिले, पुरानी ओपीडी के सामने फर्श गंदा मिला। अस्पताल परिसर में दो भवनों के बीच खाली जगह में गंदगी मिली। जिस पर मंत्री ने कहा साफ-सफाई एजेंसी को नोटिस दीजिए। दिसंबर 2020 का भुगतान रोकिए और हटाइए। जिस पर सफाई एजेंसी यूडीएस के मैनेजर ने माफी भी मांगी लेकिन मंत्री ने कहा आपका काम ठीक नहीं है कार्रवाई तो होगी।

ब्रेन सर्जरी के दौरान महिला गुनगुनाती रहीं गीता का श्लोक, डॉक्टर बोले- 9 हजार ऑपरेशनों में ऐसा पहला केस

बाइक जब्‍त कराओ

मंत्री को पुरानी ओपीडी के सामने शेड के नीचे 10 बाइक खड़ी मिली। जिस पर मंत्री ने कहा यह किसकी बाइक है, अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यह स्टाफ की बाइक है जिस पर मंत्री ने कहा कि यह मरीज के लिए जगह है न कि स्टाफ के की बाइक खड़ी करने के लिए जगह है। इन सभी बाइक को जब्‍त कराइए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आईडी चौरसिया ने मंत्री को बताया कि उन्होंने 1 दिन पहले ही बाइक हटवाई थी। वे सख्त कार्रवाई करेंगे।

उपलब्ध दवाओं की सूची बताने में छूटा पसीना

मंत्री दवा काउंटर पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन से पूछा कि कितनी दवाइयां है। जिस पर दवा वितरण काउंटर के कर्मचारियों ने कंप्‍यूटर खोला और मंत्री को 268 दवा की सूची दिखाई। जिस पर मंत्री ने कहा कि दवा की सूची दिखाने से कुछ नहीं होगा। मुझे यह बताएं कि कुल कितनी दवाइयां वर्तमान में उपलब्ध है। आखिरकार अस्पताल के डीन डॉ. अरुण गुप्ता ने हस्तक्षेप किया। वे भी उपलब्ध दवाओं की जानकारी नहीं दे पाए। इसके बाद एक कर्मचारी ने बताया कि 121 दवाएं उपलब्ध है।

आज तो मैं कुछ नहीं कर रहा हूं, अगली बार आऊंगा तो सीधे कार्रवाई करूंगा

मंत्री विश्वास सारंग ने कई व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और कहा कि आज तो मैं बताकर आया हूं। तब भी मुझे इतनी कमियां मिली है। अगली बार से बिना बताए औचक निरीक्षण करूंगा। तब मुझे कमियां मिली तो सीधे और सख्त कार्रवाई करूंगा।

Powered by Blogger.