REWA : रीवा के भूल-भुलैया जंगल में 3 दिन से गहरी खाई में फंसा था युवक, 300 फिट की गहराई से यूवक को जिंदा बाहर निकाला

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें

रीवा में एक युवक के लिए चरवाहे और पुलिस देवदूत बन कर आए। युवक सोहागी के पहाड़ी पर जंगल में भटक कर 3 किलोमीटर गहरी खाई में फंस गया। 3 दिन तक वह फंसा रहा। भूख-प्यास से तड़पने लगा। शुक्रवार सुबह 8 बजे चरवाहों की नजर उस पर पड़ गई। खाई में उतरना मुश्किल था इसलिए पुलिस को सूचना दी गई।

 "राहुल- कमल में नाराजगी" : रूठे बड़े नेताओं को मनाने कांग्रेस ने कई जिलों के प्रभारियों को बदला

सूचना मिलते ही सोहागी थाना के प्रभारी सहित 4 पुलिसकर्मी 4 ग्रामीणों के साथ खाट लेकर जंगल में उतर गए। साढ़े तीन घंटे बाद उसे ऊपर लेकर आए। युवक को तुरंत त्योंथर अस्पताल में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने कहा है कि यदि युवक को दोपहर तक भोजन या फिर उपचार नहीं मिलता तो वह दम तोड़ ​देता।

रीवा में गर्भवतियों के लिए टीकाकरण का शुभारंभ, 8 हजार प्रेंग्नेट महिलाओं को लगेगा टीका : हर मंगलवार और शुक्रवार को लगेगी कोवैक्‍सीन की डोज

सोहागी थाना प्रभारी उप निरीक्षक पवन शुक्ला ने बताया कि अशोक कुमार रावत (26) निवासी मढ़ा थाना लौर सोहागी 3 दिन से लापता था। वह सोहागी के पहाड़ी पर स्थित जंगल में भटक कर 3 किलोमीटर गहरी खाई की ओर चला गया था। इसके फंसे होने की सूचना कुछ चरवाहों ने शुक्रवार की सुबह 8 बजे दी। भूखे रहने की वजह से उसकी स्थिति क्रिटिकल है।

तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन की मौत, पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच, चारों के शव पीएम के बाद ​सौंपे गए परिजनों को

साढ़े तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू टीम ने बताया कि सुबह 8 बजे जंगल में घुसी टीम करीब साढ़े 11 बजे के बाद बाहर आई है। युवक की स्थिति को देखते हुए खाट लेकर 3 किमी गहरी खाई में पुलिस टीम गई थी। युवक को उस पर लाद कर बाहर लाया गया।

संदिग्ध हालत में महिला के साथ पकड़ा गया था युवक, सुबह पेड़ में लटकता मिला शव : जांच में जुटी पुलिस

गंभीर स्थिति में त्योंथर अस्पताल में भर्ती

युवक को बाहर लाने के बाद एंबुलेंस की मदद से त्योंथर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी स्थिति अब कंट्रोल में बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि शुरुआत में युवक की शिनाख्ती के लिए आसपास के थानों को सूचना भेजवाई थी, क्योंकि वह बोलने में सक्षम नहीं था। फिर लौर पुलिस की सूचना पर परिजन पहुंच गए है। साथ ही पुलिस और चरवाहों को सभी ने धन्यवाद देते हुए देवदूत बताया है।

Powered by Blogger.