INDORE : निकल गई हेकड़ी : जहां करते थे दादागीरी, वहीं निकाला गुंडों का जुलूस, गैंगस्टर सतीश भाऊ, चिंटू ठाकुर, शूटर रितेश और मोनू का निकला पैदल जुलूस

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इंदौर। विजय नगर पुलिस ने मंगलवार शाम गैंगस्टर सतीश भाऊ, चिंटू ठाकुर, शूटर रितेश करोसिया और मोनू उर्फ सुजीत का महालक्ष्मी नगर में पैदल जुलूस निकाला। भाऊ को उसके महालक्ष्मी नगर स्थित फ्लैट में ले जाकर सर्चिंग भी की गई। यहां अयोध्यापुरी कॉलोनी के कुछ प्लॉट धारकों की रसीदें भी मिलीं, लेकिन जब पुलिस ने संबंधित नंबर और संस्था के रिकॉर्ड से जांच की तो असली रसीदें मालिकों के पास ही होना पता चलीं।

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सीएसपी राकेश गुप्ता के मुताबिक, भाऊ के तीन मोबाइल नंबर एसआईटी को मिले हैं। इन तीन नंबरों से वह किस-किस के संपर्क में रहा और फरारी में कौन-कौन उसकी मदद कर रहा था। इसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट निकाली जा रही है। पुलिस उसके बैंक खाते की जानकारी भी ले रही है। इसने अपने साले बाबू के नाम पर काफी अवैध संपत्ति ले रखी है।

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भूमाफिया की शरण में पनपे, धीरे-धीरे जमीनें हथियाने लगे

पुलिस के मुताबिक, भू-माफिया बॉबी छाबड़ा, दीपक मद्दा आिद ने जमीनें हथियाने के लिए इन गुंडों का इस्तेमाल किया। श्री महालक्ष्मी नगर, अयोध्यापुरी, न्याय नगर, हिना पैलेस, अहमद नगर, द्वारकापुरी, अशोक नगर, खजराना की दो दर्जन अवैध कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनमें आज भी गुंडे सक्रिय हैं। बताते हैं कि जब पुलिस ने भू-माफिया को खिलाफ अभियान छेड़ा तो रहवासी पॉवर फुल हुए। इस पर भू-माफिया ने उन पर खौफ पैदा करने के लिए गुंडे सतीश भाऊ, हेमंत यादव, मुन्ना डॉक्टर, सज्जू उर्फ सज्जाद, बब्बू-छब्बू जैसे बदमाशों को शामिल किया।

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धमकाने से काफी पैसा आने पर गुंडों ने अपनी गैंग बना ली। फिर धीरे-धीरे ये रेत खनन, अवैध शराब, वसूली आदि कामों में भी लग गए। इनके पुलिस के बीच भी अच्छी पैठ है। सूत्रों का कहना है कि अब भी कई पुलिस अधिकारी मामला डायवर्ट कर इन्हें बचाने में लगे हैं।

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चिंटू के इशारे पर किसी को भी मारने को तैयार रहता था रितेश

इंदौर | सिंडिकेट ऑफिस गोलीकांड के आरोपी और शूटर रितेश करोसिया ने पुलिस को बताया कि चिंटू ठाकुर 10 हजार रुपए महीना उसे देता था। उसके एक इशारे पर वह बिना सोचे-समझे किसी को भी गोली मार देता था। चिंटू के लिए उसने कई लोगों पर हमला किया। 21 जुलाई 2014 को चिंटू के साथ एमवाय हॉस्पिटल में जाकर कैदी पर गोली चलाने का भी आरोप है। एसपी आशुतोष बागरी के मुताबिक, रितेश करोसिया को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसने बताया कि पिता जनसंख्या विभाग में कर्मचारी हैं।

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उन्होंने चार शादियां की हैं। उनसे नहीं बनती। कुछ साल पहले लव मैरिज की थी। उस समय 6 से 7 लाख रुपए खर्च हो गए थे। उस पर काफी कर्ज भी हाे गया था। उसे चुकाने में गुंडे चिंटू ने उसकी मदद की थी, तभी से वह उससे जुड़ गया। आरोपी रितेश ने बताया कि उसने जयपुर (राजस्थान) स्थित ससुराल में फरारी काटी। उसके रुपए खत्म हुए तो वह ट्रक से शिप्रा के रास्ते होकर इंदौर आ रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसके पिता के जरिए उसकी घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।



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