MP : 1 सितंबर से खुलेंगे छठवीं से 8वीं तक के सरकारी व निजी मिडिल स्कूल, हर कक्षा में 50% स्टूडेंट्स ही रहेंगे : टीचर्स और स्टाफ टीका लगवाएं नहीं तो नो एंट्री

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17 महीने से बंद चल रहे छठवीं से 8वीं तक के सरकारी व निजी मिडिल स्कूल एक सितंबर से खुल जाएंगे। 9वीं से 12वीं तक के स्कूल पहले से ही सप्ताह में दो दिन खुल रहे हैं। अब 6वीं से 12वीं तक की सभी कक्षाएं रविवार को छोड़कर बाकी छह दिन लगेंगी।

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हर कक्षा में 50% स्टूडेंट्स ही रहेंगे यानी एक स्टूडेंट को सिर्फ तीन दिन स्कूल जाना होगा और बाकी तीन दिन ऑनलाइन क्लास होगी। स्कूल में जिन शिक्षकों और कर्मचारियों ने वैक्सीन की एक डोज भी नहीं लगवाई है, उन्हें तुरंत वैक्सीनेशन कराना होगा। भोपाल जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों की संख्या लगभग 15040 को टीका लगाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें से 96 फीसदी को पहला डोज, जबकि 75 फीसदी से ज्यादा को दूसरा डोज लगाया जा चुका है। महज 4 फीसदी को पहला डोज लगाया जाना शेष है। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि एक सितम्बर से स्कूलों के खुलने से पहले बचे हुए शिक्षकों का वैक्सीनेशन करा लिया जाएगा। सिर्फ कुछ ही शिक्षक ही बचे हैं। स्कूल शिक्षा ने आदेश में कहा है कि 1 सितंबर से पहले स्कूल के टीचर्स और स्टाफ टीका लगवाएं नहीं तो एंट्री नहीं मिलेगी।

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शहर में 88% फीसदी को लगा पहला और 50% को लगा दूसरा डोज

5 लाख से ज्यादा स्टूडेंट... भोपाल में प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेेकंडरी स्कूलों की संख्या 856 है। जबकि अनुदान प्राप्त शालाओं की संख्या 453 है। अशासकीय शालाओं की संख्या 3341 है। इनमें छात्रों की संख्या 2,97,717 है। छात्राओं की संख्या 2,75,242 है।

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हमारे टीचर्स का वैक्सीनेशन पूरा... एसोसिएशन ऑफ अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स के उपाध्यक्ष विनीराज मोदी के मुताबिक हमारे एसोसिएशन के 100 फीसदी शिक्षकों का वैक्सीनेशन हो चुका है। एसडीएम केरकेट्टा ने बताया कि 88 फीसदी को भोपाल में पहला और 50 फीसदी को दूसरा डोज लगाया जा चुका है।

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29 हजार 263 को लगा टीका... शनिवार को शहर के 175 सेंटरों पर वैक्सीनेशन किया गया। इस दौरान 40 हजार लोगों को वैक्सीनेशन का टाॅरगेट तय किया गया था। लेकिन शाम तक सिर्फ 29 हजार 263 लोग ही वैक्सीनेशन कराने के लिए पहुंचे। शहर में दो मोबाइल वैनों के जरिए भी वार्डों में वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जा रही है।

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एक ही दिन में 15 दुकानों से बिक गईं 95 हजार की स्कूल यूनिफाॅर्म

अब राज्य सरकार ने 1 सितंबर से छठवीं से आठवीं तक के मिडिल स्कूल भी खोलने का फैसला कर लिया है। इसके चलते अब स्कूल यूनिफॉर्म की डिमांड भी बढ़ जाएगी। शनिवार को ही यूनिफॉर्म की 15 दुकानों पर करीब 95 हजार की बिक्री हुई। शहर में 2 साल से इन दुकानों से कोई यूनिफॉर्म नहीं बिकी थी। बुधवार से स्कूल खुलेंगे, इसलिए आने वाले दिनों में ग्राहकी बढ़ सकती है। स्कूल यूनिफाॅर्म के थोक व्यापारी अमित तख्तानी का कहना है कि मिडिल स्कूल खुलने के कारण ग्राहकी बढ़ेगी। व्यापारी हरजीत सिंह ने कहा कि ग्राहकी में तेजी आएगी। डिमांड भी बढ़ेगी।

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50% कैपिसिटी के साथ शुरू होंगी स्कूल बसें

अब सरकार ने 6वीं से 8वीं क्लास के स्टूडेंट्स को भी स्कूल बुलाने की परमिशन दे दी है। इसके लिए स्कूलों ने भी तैयारी कर ली है। सागर पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पंकज शर्मा ने बताया कि, 6वीं से 8वीं के बच्चों के पैरेंट्स की अनुमति मिलते ही 50 फीसदी क्षमता के साथ स्कूल बस और क्लासेस दोनों शुरू करेंगे। ऑनलाइन और अॉफलाइन दोनों क्लासेस के ऑप्शन स्टूडेंट्स के पास होंगे। हर रोज बच्चों के स्कूल पहुंचने के पहले पूरा कैंपस सैनिटाइज होगा और स्कूल में बच्चों की सीट भी फिक्स रखी गई है, ताकि वे बार-बार सीट एक्सचेंज करके रिस्क न बढ़ाएं। फिजिकल एक्टिविटी और ग्राउंड से जुड़ी क्लासेस अभी बंद ही रहेंगी। केंद्रीय विद्यालय-3 की प्रिंसिपल ऋतु पल्लवी ने बताया कि 6वीं से 8वीं तक के लिए कितने पैरेंट्स अपनी अनुमति देते हैं, यह देखना होगा। बच्चों को घर से पढ़ने की भी छूट रहेगी। बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने का जिम्मा भी अभी पैरेंट्स पर ही होगा।

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