MP : कॉलेजों में नए सत्र से नई शिक्षा नीति लागू : 20 अगस्त से शुरू होगी फीस जमा करने की प्रक्रिया : पढ़ ले पूरी जानकारी

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें


मध्यप्रदेश के कॉलेजों में नए सत्र से नई शिक्षा नीति के पाठ्यक्रम से पढ़ाई होगी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्टूडेंट्स को नए पाठ्यक्रमों का अध्ययन कराया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 79 विषयों के पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। विभाग के ई-प्रवेश पोर्टल के माध्यम से अब तक स्नातक प्रथम वर्ष में 4.4 लाख और पोस्ट ग्रेजुएशन के पहले सेमेस्टर में 1 लाख 5 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है।

रजिस्ट्रेशन में धांधली का मामला उजागर : ठेका कंपनी और यूनिवर्सिटी स्टाफ की साठगांठ, 1 रजिस्ट्रेशन पर 2 स्टूडेंट्स ने दी परीक्षा

डॉ. यादव ने नई शिक्षा नीति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की है। बैठक में तय किया गया है कि नई नीति को लेकर राज्यस्तरीय क्रियान्वयन समिति गठित की जाएगी। नीति के प्रावधानों और विषयों की स्पष्टता के लिए FAQ तैयार किए जाएंगे। शिक्षकों के लिए ऑनलाइन कार्यशाला होगी। कॉलेज स्तर पर भी स्टूडेंटस की काउंसलिंग होगी।

TRANSFER BREAKING : राज्य सरकार ने 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अफसरों के किये तबादले : देखें पूरी सूची

सरकार ने नया शिक्षा सत्र 1 सितंबर से शुरु करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने बैठक में बताया कि 20 अगस्त से फीस जमा कराने की प्रक्रिया शुरु होगी, जबकि एडमिशन 30 सितंबर तक होंगे। ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर में प्रवेश ले रहे विद्यार्थियों के लिए नीति से संबंधित प्रावधानों की संपूर्ण जानकारी प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध होगी।

भोपाल में हर दिन बच्चों के साथ हो रही हिंसा : लगातार दोगुना बढ़ रहा अपराधों का ग्राफ, इंटरनेट और मोबाइल फोन से ज्यादा अपराध बढ़े

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की क्लासेस में कुल स्वीकृत सीट संख्या के अनुसार अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 17 अगस्त को संभाग स्तरीय अतिरिक्त संचालकों और कॉलेजों के प्राचायों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाए। इसी तरह 18 अगस्त को जिले के समस्त शासकीय और प्राइवेट कॉलेजों के प्राचार्यों और प्रवेश समिति प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया जाए।

भोपाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के CEO आदित्य सिंह को सरकार ने हटाया, चहेतों को करोड़ों की जमीन आवंटित करने के लगे आरोप

लंबित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करें

डॉ. यादव ने महाविद्यालयों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि लंबित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करें। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की राशि लेप्स न हो। साथ ही बजट का सही कार्यों में उपयोग सुनिश्चित करें।

Powered by Blogger.