REWA : नर्सों की हड़ताल के बाद लड़खड़ाई स्वास्थ्य व्यवस्था, रैली निकालकर बुलंद की आवाज, फिर कॉलेज के सामने दिया धरना

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रीवा। नर्सिंग एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन आंदोलन बुधवार से शुरू हो गया है। बताया गया कि पहले दिन जीएमएच से एसएस मेडिकल कॉलेज तक रैली निकालकर नर्सों से आवाज बुलंद की गई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के सामने धरना दिया दिया गया। ये धरना सुबह से चालू होकर शाम तक चलता रहा। यहां नर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं नर्सों के साथ हो रहे छलावा के बारे में आंदोलन के माध्यम से आम जनता व सहयोगी कार्यकर्ताओं को बताया।

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नर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंबिका ने बताया कि पहले के आंदोलनों में सरकार के सामने 10 मांगों का ज्ञापन दिया गया था। लेकिन सरकार द्वारा कोई सकारात्म परिणाम नहीं आए। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व के आदेश पर बुधवार से रीवा में भी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है।

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डीन ने जारी किया नोटिस

अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होते ही श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनोज इंदुलकर ने आंदोलन कर रही नर्सों के लिए नोटिस जारी किया है। डॉ. मनोज इंदुलकर ने 30 जून के जारी पत्र में कहा है कि जीएमएच, एसजीएमएच और एसएसबी में कार्य करने वाली समस्त स्टाफ नर्स प्रतिबंध के बाद भी हड़ताल में भाग ले रही है। ऐसे में अति आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं प्रभावित होंगी। साथ ही नियुक्ति शर्त का उल्लंघन करने पर सेवाएं समाप्त की जा सकेंगी।

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मुख्य 10 मांगें

1. अन्य राज्यों की भांति नर्सों को सेकंड ग्रेड का दर्जा दिया जाए।

2. पुरानी पेंशन योजना लागू करें।

3. कोरोना काल में शहीद हुई नर्से एवं उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। एवं 15 अगस्त को कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित करें।

4. शासन स्तर की सभी घोषणाओं को अमल करें।

5. 2018 में आर्दश भर्ती नियम को संशोधन करें।

6. प्रतिनियुक्ती समाप्तकर स्थानांतरण की प्रकिया चालू करें।

7. कोरोनाकाल में अस्थाई रूप से भर्ती की गई नर्सों को नियमित करें।

8. मध्यप्रदेश में कार्यरत नर्से को एक ही विभाग में सामान्य कार्य का समान वेतन दिया जाए।

9. वर्षों से रूकी पदोन्नत को शुरू करें। साथ ही अन्य राज्यों की भांति पद नाम परिवर्तित किया जाए।

10. मेल नर्सों की भर्ती में सामानता का अधिकार दिया जाए।

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आंदोलन में समर्थन

बताया गया कि नर्सों के आंदोलन को मध्यप्रदेश की सभी नर्से जैसे डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन एवं डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सविर्सेज के साथ सभी मेडिल कॉलेज, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी व उप स्वास्थ्य केन्द्रों की सभी नर्सों का हड़ताल में समर्थन प्राप्त है। 17 जून को जबलपुर में हुई बैठक के बाद अनिश्चितकालीन की रूप रेखा तैयार की गई थी। पहले सरकार के निर्णय का इंतजार था। लेकिन जब सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो 30 जून से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू हो गया।

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इस तरह हुई आंदोलन की शुरूआत

- 9 जून और 10 जून को काली पट्टी लगाकर काम किए।

- 11 जून को पीपीई किट पहनकर प्रदर्शन किए।

- 12 जून को मानव श्रृंखला बनाकर 10 मांगों को लिखकर अस्पताल के सामने नारेबाजी की।

- 13 जून को प्रेस कांफ्रेंस कर आम जनता से माफी मांगी।

- 14 जून को सांकेतिक धरना दिए, ​लेकिन काम नहीं बंद किए।

- 15 जून को दो घंटे तक काम बंद आंदोलन, सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक।

- 16 जून को कोई विरोध प्रदर्शन नहीं।

- 17 जून को प्रदेश स्तरीय जबलपुर में बैठक।

- 30 जून से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू।

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