REWA : मऊगंज और हनुमना तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों में असिंचित गांवों में लिफ्ट कर जल पहुंचाने की तैयारी : राज्य सरकार को भेजा गया प्रपोजल

 

REWA : मऊगंज और हनुमना तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों में असिंचित गांवों में लिफ्ट कर जल पहुंचाने की तैयारी : राज्य सरकार को भेजा गया प्रपोजल

जिले के टोंस परियोजना सिरमौर में विद्युत उत्पादन में लगने वाले पानी का अब दोहरा उपयोग होगा। अभी तक बिजली उत्पादन के बाद उत्तर प्रदेश की ओर 700 एमपीएम पानी व्यर्थ में बह जाता था। ऐसे में स्थानीय विधायकों द्वारा तैयार किए गए प्रपोजल के बाद जल संसाधन विभाग ने पानी के सही उपयोग का प्रस्ताव तैयार किया है।

ननिहाल जाने के लिए निकले युवक का कुआं में मिला शव, परिजनों ने कहा- जूता और टी-शर्ट कुआं के किनारे मिला है, मतलब उसकी हत्या हुई है

इसके तहत मऊगंज और हनुमना तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों के असिंचित गांवों को पानी दार बनाने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो मऊगंज और हनुमना माइक्रो एरिगेशन प्रोजेक्ट में प्रारंभिक स्तर पर काम शुरू हो चुका है। विभाग अब इसका डीपीआर बनाने की तैयारी कर रहा है।

शहर से लेकर गांव तक मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार, बहनों ने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर दीर्घायु की कामना

बता दें, बाणसागर से छोड़े गए पानी से टोंस विद्युत परियोजना सिरमौर में बिजली का उत्पादन करने के बाद 700 एमसीएम (मिलियन घन मीटर) पानी टमस के माध्यम से गंगा नदी में मिलता है। इसके बाद यही पानी फिर बंगाल की खाड़ी में गिरकर समुद्र में मिल जाता है। जबकि बिजली उत्पादन के बाद जितना पानी उप्र जा रहा है।

लापता किशोरी महाराष्ट्र से बरामद : प्यार का झूठा बहाना बताकर 7 माह तक किया रेप , आरोपी के हवाले करने वाला भाई भी पहुंचा जेल

उससे 2 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में सिंचाई हो सकती है। ऐसे में जल संसाधन विभाग अब इसी पानी का दोहरा उपयोग करेगा। दावा है कि मऊगंज और हनुमना के 650 गांवों में 88 हजार हेक्टेयर सिंचाई इसी पानी से हो सकती है। जिसकी योजना तैयार कर राज्य सरकार को प्रपोजल भेजा गया है।

ऊर्जा मंत्री ने किया 132 किलोवाट की क्षमता के 35.80 करोड़ रुपए में तैयार हुए सबस्टेशन का किया शुभारंभ

लिफ्ट कर खेत तक पहुंचाया जाएगा

बताया गया, मऊगंज और हनुमना अंचल के असिंचित गांवों में बाणसागर का पानी पहुंचाने योजना का स्वरूप बना है। इसके अनुसार टोंस परियोजना में बिजली उत्पादन के बाद पानी लिफ्ट कर पहाड़ के ऊपर शाहपुर गांव तक ले जाया जाएगा। इसी पानी को हनुमना के कैलाशपुर गांव के सबसे ऊपरी हिस्से में टंकी का निर्माण होगा। इसके बाद पाइप लाइनों के जरिए पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। फिर इसी पानी से पहाड़ी अंचल के गांवों में सिंचाई की जाएगी।

गोविंदगढ़ थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या : संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

100 करोड़ से उपर का प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश की ओर व्यर्थ में जा रहे पानी का उपयोग प्रारंभिक तौर पर सिंचाई और पीने में किया जाएगा। जिसकी लागत 100 करोड़ से उपर की आंकी गई है। फिर माइक्रो एरिगेशन प्रोजेक्ट अंतर्गत हर घर में नल योजना पर काम किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार भी हर घर में नल योजना पर काम कर रही है। वहीं सिंचाई के बाद बचने वाले पानी का उपयोग बांध, जलाशय और तालाबों को भरने में लिया जाएगा।

ऑपरेशन मुस्कान : रीवा सायबर सेल ने 7 लाख के 44 नग गुमे मोबाइलों को खोजकर आवेदकों को किया वापस

मऊगंज विधायक ने दिया प्रस्ताव

मऊगंज और हनुमना तहसील के असिंचित क्षेत्र को बाणसागर के पानी से सिंचित करने वाले प्रोजेक्ट से सभी विधायक सहमत हैं। विधायकों का मानना है कि बाणसागर से जुड़ी परियोजना मऊगंज और हनुमना के 650 गांव को सिंचित करेगा। बताया गया है कि मऊगंज विधायक ने प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंप दिया है। जिस पर शासन ने भी इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई है। ऐसे में जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार मैदानी अमले से पूरी जानकारी एकत्र कर खाका तैयार कर रहे हैं।

Related Topics

Share this story

From Around the Web

Most Read