REWA : सेल्समैन गांव के दो मृतकों के साथ 20 परिवारों के नाम पर हर माह डकारता रहा राशन : कलेक्टर ने कराई जांच, हुआ खुलासा

 
REWA : सेल्समैन गांव के दो मृतकों के साथ 20 परिवारों के नाम पर हर माह डकारता रहा राशन : कलेक्टर ने कराई जांच, हुआ खुलासा

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा. जिले में राशन दुकानों पर मुर्दे भी खाद्यान्न लेने के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला जवा तहसील के राशन दुकान बीरपुर में सामने आया है। हैरानी की बात तो यह कि सेल्मैन बीते 11 माह से गांव के ही दो मुर्दों को खाद्यान्न बांट रहा है। इतना ही नहीं मुर्दो के साथ ही गांव के 20 अन्य परिवारों के नाम से स्वयं खाद्यान्न डारकता रहा। ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर इलैयाराजा टी ने नायब तहसीलदार जवा सतीश सोनी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राजेश पटेल से जांच कराई तो सेल्समैन के फर्जीवाड़े की पोल खुली। जिला खाद्य नियंत्रक ठाकुर राजेन्द्र सिंह ने सेल्मैन सुशील सिंह के खिलाफ एफआइआर कराने का आदेश जारी किया है। जबकि ग्राम पंचातय सचिव की भूमिका संदिग्ध होने पर कार्रवाई के लिए जिपं सीइओ को पत्र लिखा है।


बॉयोमेट्रिक मशीन में जारी किया फर्जी पर्चियां
नियंत्रक के आदेश के मुताबिक रिमारी के बीरपुर राशन दुकान का सेल्समैन सुशील सिंह अगस्त 2019 से लेकर जून 2020 तक गांव 20 परिवारों के नाम हर माह खाद्यान्न जारी करता रहा। जांच अधिकारी गांव में पहुंचे तो पता चला कि सेल्समैन और पंचायत अमला साठगांठ कर हितग्राहियों की पात्रता पर्ची जारी नहीं किया। बॉयोमैट्रिक मशीन से पर्ची जारी कर रेकार्ड में हर माह खाद्यान्न हितग्राहियों के बजाए स्वयं गेहूं, चावल, शक्कर और नमक खाता रहा। नियंत्रक ठाकुर राजेन्द्र सिंह के मुताबिक जांच के दौरान परिजनों ने बताया कि केदारनाथ कोल औार रामशिरोणि कोल की मौत हो चुकी है। राशान मृतक परिवारों को भी नही मिल रहा है। दोनों हितग्राहियों की मौत के बाद पोर्टल पर नाम डिलीट नहीं किया गया। और सेल्समैन मृतकों के नाम से 11 माह से राशन स्वयं आहरित करता रहा। मामले में नियंत्रक ने ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर जिपं सीइओ व संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।


मृतक समेत 20 परिवारों का 77 क्विंटल खा गया खाद्यान्न
सेल्समैन अगस्त 2019 से लेकर जून 2020 तक मृतकों के साथ 20 परिवारों का लगभग 77 क्विंटल गेहूं व चावल स्वयं खा गया। 99 किलो शक्कर और 2.20 क्विंटल नामक भी डकार गया। जांच के दौरान भौतिक सत्यापन में 5.58 क्विंटल गेहूं, 60 किलो चावल, 68 किलो दाल, 35 किलो शक्कर स्टाम में मिला है।


इन परिवारों का डकार गया राशन
जांच रिपोर्ट के अनुसार गांव के उमेश आदिवासी, दयाल गुप्ता, मनकामेश्वर प्रसाद, रामायण मिश्रा, कृष्णपाल, ईश्वरी प्रसाद यादव, संजय कुमार मिश्र, रनिया देवी, बुद्धिालाल कोल, अनीता देवी, अजय कुमार मिश्र, मुन्नीदेवी, रामकिशोर विश्वकर्मा, मोतीलाल यादव, राजबहादुर यादव, कामता प्रसाद, नीलम कोल, दयानंद कुशवाहा आदि के हिस्से का राशन सेल्समैन डकार गया।


150 सेल्समैनों की जांच कछुआ चाल
जिले में एइपीडीएस व्यवस्था लागू होने के बाद आठ माह से ऑनलाइन और ऑफलाइन वितरण में भी बड़े पैमाने पर खाद्यान्न में खेल किया गया है। शासन स्तर पर पोर्टल पर पकड़े जाने के बाद जिला प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जिले में जांच टीम की कछुआ चाल के चलते खाद्यान्न में गड़बड़ी करने वाले 150 सेल्समैनों की जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना काल में भी विक्रेताओं ने राशन वितरण में गड़बड़ी की है। वितरण का हिसाब देने में सेल्समैनों का पसीना छूट रहा है। गडगड़़ी में संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भी धुकधुकी बढ़ गई है।




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